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BJP विधायक अजय चंद्राकर के भाई पर ED कार्रवाई, कांग्रेस ने लगाया बड़ा आरोप

 


ED Raid in Chhattisgarh: BJP विधायक अजय चंद्राकर के भाई पर ED कार्रवाई से गरमाई राजनीति, कांग्रेस ने लगाया आवाज दबाने का आरोप

ED Raid in Dhamtari: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है और इसे “अपनी ही पार्टी के भीतर उठ रही आवाजों को दबाने की कोशिश” बताया है।


भारतमाला प्रोजेक्ट के मुआवजा घोटाले की जांच

जानकारी के मुताबिक, ED और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की संयुक्त कार्रवाई अभनपुर भारतमाला प्रोजेक्ट में कथित मुआवजा घोटाले को लेकर की गई है।

आरोप है कि विधायक अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर ने अपने करीबियों को अलग-अलग तहसीलों में गलत तरीके से करोड़ों रुपये का मुआवजा दिलवाया। जांच एजेंसियां इसी मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं।


पांच तहसीलों तक फैली जांच

सूत्रों के अनुसार जांच का दायरा कई क्षेत्रों तक फैला हुआ है। टीम उन लोगों की सूची खंगाल रही है जिन्हें कथित तौर पर भारी मुआवजा मिला। जांच इन क्षेत्रों से जुड़ी बताई जा रही है:

  • अभनपुर
  • दुर्ग तहसील
  • पाटन
  • राजनांदगांव (देवादा)
  • मगरलोड तहसील

सुबह-सुबह पहुंची ED टीम

तीन से चार गाड़ियों में सवार होकर सोमवार सुबह पहुंची ईडी की टीम ने भूपेंद्र चंद्राकर के आवास पर दबिश दी. घर के बाहर सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा तैनात कर दिया गया है और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. अंदर टीम मुआवजे से संबंधित फाइलों, बैंक बैंक विवरणों और संपत्ति के दस्तावेजों की सघन जांच कर रही है. इस छापेमारी के बाद कुरूद और आसपास के क्षेत्रों में हड़कंप का माहौल है,


कांग्रेस का बड़ा आरोप

कांग्रेस मीडिया चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि अजय चंद्राकर सदन के भीतर और बाहर अपनी ही सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया:

“सरकार उनकी मुखर आवाज से असहज थी, इसलिए अब ED के जरिए उन्हें और उनके करीबियों को निशाना बनाया जा रहा है।”

कांग्रेस ने कहा कि अब ED का इस्तेमाल सिर्फ विपक्ष नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के असंतुष्ट नेताओं के खिलाफ भी हो रहा है।


भाजपा की ओर से अभी प्रतिक्रिया नहीं

इस मामले में भाजपा या विधायक अजय चंद्राकर की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे

प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इस छापेमारी को आगामी चुनावों से पहले की “राजनीतिक घेराबंदी” के तौर पर भी देखा जा रहा है।

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