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छत्तीसगढ़ राज्य की पूरी जानकारी: इतिहास, संस्कृति, भूगोल और पर्यटन स्थल

 


छत्तीसगढ़ राज्य की पूरी जानकारी

छत्तीसगढ़ राज्य 135,194 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला है। जनगणना वर्ष 2011 के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य की जनसंख्या लगभग 2.55 करोड़ है। वर्तमान छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश राज्य से अलग होकर 01 नवंबर 2000 को अस्तित्व में आया।

छत्तीसगढ़, विद्युत् तथा स्टील के उत्पादन की दृष्टि से भारत का महत्वपूर्ण केंद्र है। छत्तीसगढ़ राज्य की सीमायें सात राज्यों अर्थात मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, झारखंड और उत्तर प्रदेश को छूती है।

छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर है, जो कि मुख्यतः व्यापार, अर्थव्यवस्था, और प्रशासन का केंद्र है। राज्य में मूल रूप से छत्तीसगढ़ी भाषा प्रचलित है। छत्तीसगढ़ धान का कटोरा (अर्थ-चावल का कटोरा) के नाम से भी प्रसिद्ध है।

जनगणना 2011 के अनुसार छत्तीसगढ़ की जनजातीय जनसंख्या

अनुसूचित जनजाति:-78,22,902 (जनसंख्या) 30.60 प्रतिशत
अनुसूचित जाति:-32,74,269 (जनसंख्या) 12.82 प्रतिशत

राज्य पशु:- वन भैंसा (जंगली भैंसा)
राज्य पक्षी:- पहाड़ी मैना (हिल मैना)
राज्य वृक्ष:- साल (सरई)

वन भैंसा (जंगली भैंसा)
वन भैंसा (जंगली भैंसा)
पहाड़ी मैना (हिल मैना)
पहाड़ी मैना (हिल मैना)
साल (सरई)
साल (सरई)

इतिहास के झरोखों में छत्तीसगढ़:-

छत्तीसगढ़ के गर्भ में अगर विलक्षण प्राकृतिक संसाधनों का खजाना है, तो यहां के इतिहास के गर्भ में दिलचस्प जानकारियों का भंडार भी है। माना जाता है कि 36 गढ़ों के स्थित होने के कारण क्षेत्र का नाम छत्तीसगढ़ पड़ा। रायपुर जिले के गजेटियर (1973) के अनुसार 18 किले शिवनाथ नदी के दक्षिण तथा 18 किले शिवनाथ नदी के उत्तर में स्थित थे। एक मान्यता के अनुसार छत्तीसगढ़ शब्द चेदिश गढ़ का अपभ्रंश है, जो कि इस क्षेत्र में कई वर्षों तक चेदिश राजाओं के आधिपत्य में रहने के कारण उद्धृत हुआ। वर्तमान छत्तीसगढ़ पुरातन काल में दक्षिण कोसल, महाकांतार (बस्तर का वन्य क्षेत्र), दण्डकारण्य आदि नामों से अभिहित क्षेत्रों से भी जुड़ा रहा है। छत्तीसगढ़ में देशज राजर्षितुल्य, शरभपुरीय, पाण्डुवंश, नल एवं छिंदक नागवंश, फणीनागवंश, सोमवंश तथा कल्चुरी वंश के राजाओं के शासन का पुरातात्विक साक्ष्यों में उल्लेख है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में मराठा तथा स्थानीय रियासतों का शासन और अनेकों जमींदारियां भी रही हैं। छत्तीसगढ़ में अंग्रेजों का भी नियंत्रण रहा है। छत्तीसगढ़ का आजादी के आंदोलनों में भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। 1857 की क्रांति में भी छत्तीसगढ़ के वीरों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
(स्रोत:- छत्तीसगढ़ का राजनीतिक एवं सांस्कृतिक इतिहास, लेखक डॉ. रमेन्द्रनाथ मिश्र, डॉ. लक्ष्मीधर झा)

भूगोल:-

छत्तीसगढ़ राज्य 17’-46‘ उत्तरी अक्षांश से 24‘-5‘ उत्तरी अक्षांश तथा 80’-15’ पूर्वी देशांतर से 84’-24’ पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है, छत्तीसगढ़ के उत्तर और दक्षिण के कुछ भाग पर्वतीय तथा पाट क्षेत्र है। राज्य का 44ः क्षेत्र वनों से आच्छादित है। छत्तीसगढ़ में बहने वाली प्रमुख नदियों में महानदी, इंद्रावती, हसदेव, शिवनाथ, अरपा, मांड, सोंढूर, कन्हर, पैरी, खारून आदि शामिल है।

परिवहन:-

छत्तीसगढ़ में परिवहन हेतु सड़क, रेलमार्ग एवं वायुमार्ग की सुविधा उपलब्ध है। राजधानी रायपुर देश के प्रमुख शहरों से वायु तथा रेल मार्ग से जुड़ा है।

रेलवेः-

छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख शहर रेल मार्ग के माध्यम से जुड़े हुए हैं। बिलासपुर में देश का 16 वां रेलवे जोन स्थापित किया गया है। यहाँ के प्रमुख शहर बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव आदि रेल मार्ग के द्वारा भारत के सभी प्रमुख शहरों के साथ जुड़े हुए हैं।

 

दुर्ग जंक्शन
दुर्ग जंक्शन
रायपुर जंक्शन
रायपुर जंक्शन
बिलासपुर जंक्शन
बिलासपुर जंक्शन

वायुमार्गः-

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से भारत के महत्वपूर्ण शहरों के लिए नियमित विमान सेवा उपलब्ध है। इसके साथ ही प्रदेश के जगदलपुर, बिलासपुर से भी हवाई सेवाओं का संचालन प्रारंभ हो गया है।

स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा, रायपुर
स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा, रायपुर
बिलासा देवी केवट हवाई अड्डा, बिलासपुर
बिलासा देवी केवट हवाई अड्डा, बिलासपुर
मां दंतेश्वरी हवाई अड्डा, जगदलपुर
मां दंतेश्वरी हवाई अड्डा, जगदलपुर

संस्कृति:-

छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक रूप से काफी समृद्ध है। छत्तीसगढ़ में विभिन्न लोकनृत्य जैसे पंथी, सुआ, राउत नाच आदि प्रचलित है। साथ ही आदिवासी समुदायों के बीच करमा, गौर, सरहुल आदि लोकनृत्य प्रसिद्ध है।

छत्तीसगढ़ ऐतिहासिक,पुरातात्विक एवं पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत समृद्ध है। राज्य के प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों में भोरमदेव, सिरपुर, राजिम, बारसूर, माता कौशल्या धाम चन्दखुरी, रतनपुर, तीरथगढ़ एवं चित्रकोट जलप्रपात शामिल है।

छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत के परिचायक कुलेश्वर व राजीव लोचन मंदिर राजिम, शिव मंदिर चन्दखुरी, सिद्धेश्वर मंदिर पलारी, आनंद प्रभु कुटीर विहार और स्वास्तिक विहार सिरपुर, जगन्नाथ मंदिर खल्लारी, भोरमदेव मंदिर कवर्धा, बत्तीसा मंदिर बारसूर और महामाया मंदिर रतनपुर, डीपाडीह सहित पुरातत्वीय दृष्टि से महत्वपूर्ण स्मारकों को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित किया गया हैं।

छत्तीसगढ़ के विकास के साथ ही छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास का मार्ग भी प्रशस्त किया गया है। छत्तीसगढ़ को राजभाषा का दर्जा दिया गया और छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का गठन किया गया है।

पंथी नृत्य
पंथी नृत्य

 

 

सिरपुर
सिरपुर
चित्रकूट जलप्रपात
चित्रकूट जलप्रपात
राजीव लोचन मंदिर
राजीव लोचन मंदिर
रामगढ़ की पहाड़ियां
रामगढ़ की पहाड़ियां

शिक्षा:-

छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्थाएं मौजूद हैं, जिनमें हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, भारतीय प्रबंध संस्थान, रायपुर, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर, गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, नवा रायपुर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायपुर, सिपेट रायपुर सहित अनेकों संस्थाएं विद्यार्थियों को रूचि के अनुरूप कैरियर निर्माण के अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।

 

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भिलाई
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भिलाई
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर
भारतीय प्रबंधन संस्थान,रायपुर
भारतीय प्रबंधन संस्थान,रायपुर

राजभवन छत्तीसगढ़

राजभवन छत्तीसगढ़ 01 नवम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के पश्चात् अस्तित्व में आया। छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर में राजभवन छत्तीसगढ़ स्थित है, जो राज्य स्थापना के पूर्व सन् 1899 से सर्किट हाऊस रायपुर था। राजभवन परिसर 04 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है तथा अल्प समय में ही एक व्यवस्थित एवं सुन्दर परिसर के रूप में विकसित किया गया। यहां की अधोसंरचना एवं इसका विस्तार राजभवन के वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया। परिणाम स्वरूप राजभवन एक आधुनिक भवन के रूप में विकसित हुआ। राजभवन में अधिकारिक समारोहों का आयोजन किया जाता है।

राजभवन छत्तीसगढ़
राजभवन छत्तीसगढ़

 

Source –https://rajbhavancg.gov.in/

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