Raipur Fraud News: मंत्रालय में नौकरी लगाने का झांसा देकर कारोबारी से 23 लाख की ठगी, पति-पत्नी पर केस दर्ज
Raipur Job Fraud Case: रायपुर में सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 23 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। एक कारोबारी ने दंपती पर मंत्रालय में पहचान होने का झांसा देकर पैसे ऐंठने और फर्जी जॉइनिंग लेटर देने का आरोप लगाया है।
पीड़ित की शिकायत पर डीडी नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
📌 कैसे हुई ठगी?
रायपुरा स्थित शिवोम विहार कॉलोनी निवासी आकाश साहू ने पुलिस को बताया कि, वह गाड़ी खरीदी-बिक्री का काम करता है। करीब दो साल पहले उसकी पहचान साथी जितेंद्र बघेल के जरिए विश्वनाथ गुप्ता उर्फ विष्णु गुप्ता से हुई थी। आरोपी खुद को नेताओं और बड़े अधिकारियों का करीबी बताता था।
🏢 मंत्रालय में नौकरी दिलाने का दावा
पीड़ित के अनुसार, अगस्त 2024 में आरोपी उसे नवा रायपुर मंत्रालय लेकर गया, जहां उसकी मुलाकात आरोपी की पत्नी चंदा गुप्ता से भी कराई गई।
दोनों ने दावा किया कि मंत्रालय ,जल संसाधन विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर समेत कई पद खाली हैं और वे नौकरी लगवा सकते हैं।
💰 PhonePe और कैश में लिए 23 लाख
पीड़ित ने अपनी पत्नी रेशमी साहू, रिश्तेदार शेषनारायण साहू और रविशंकर साहू के लिए आवेदन भरवाया। इसके बाद आरोपी दंपती ने अलग-अलग तारीखों में फोन-पे और कैश मिलाकर करीब 23 लाख रुपए ले लिए।
📄 फर्जी नियुक्ति पत्र भेजा
शिकायत के मुताबिक:
- दिसंबर 2024 में मोबाइल पर नियुक्ति पत्र भेजा गया
- जनवरी 2025 में व्हाट्सएप पर कर्मचारी ID भेजी गई
लेकिन जब पीड़ित मंत्रालय पहुंचा तो अधिकारियों ने दस्तावेजों को पूरी तरह फर्जी बताया।
🚨 “मंत्रालय में रेड” का बहाना
इस पर आरोपी ने मंत्रालय में “रेड” पड़ने का बहाना बनाकर कुछ महीने इंतजार करने को कहा। बाद में उसका मोबाइल बंद आने लगा। पीड़ित जब आरोपी के पत्थलगांव स्थित घर पहुंचा तो वहां उसकी पत्नी मिली, जिसने पैसे लौटाने का आश्वासन दिया। आरोपियों ने तय समय के बाद भी पैसा नहीं दिया, तो पीड़ित ने डीडी नगर पुलिस में शिकायत की है। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
👮 पुलिस जांच में जुटी
डीडी नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी पति-पत्नी की तलाश शुरू कर दी गई है।
पुलिस का कहना है कि:
“मामले की जांच जारी है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।”

एक टिप्पणी भेजें