पद्मश्री फूलबासन बाई यादव अपहरण केस: 'दूसरी फूलबासन' बनने के चक्कर में महिला ने ही रची पूरी प्लानिंग

 


Padmashri Phoolbasan Bai Yadav Kidnapping Case: ‘दूसरी फूलबासन’ बनने की चाह में महिला ने रची अपहरण की साजिश

Phoolbasan Bai Yadav Kidnapping Case: छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और पद्मश्री सम्मानित फूलबासन बाई यादव के कथित अपहरण मामले में राजनांदगांव पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी महिला खुद फूलबासन बाई की तरह पहचान और प्रभाव हासिल करना चाहती थी, जिसके लिए उसने पूरी साजिश रची।

5 आरोपी गिरफ्तार

राजनांदगांव पुलिस ने इस मामले में:

  • 2 महिलाओं
  • 3 पुरुषों

सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

  • खुशबू साहू
  • सलोनी महेश्वरी
  • दिनेश बंजारे
  • गोपाल खेलवार
  • चिनक राम साहू

इनमें से चार आरोपी बेमेतरा और एक दुर्ग जिले का रहने वाला बताया गया है।

कैसे बचीं फूलबासन बाई?

पुलिस के अनुसार, 5 मई को आरोपियों ने फूलबासन बाई यादव को उनके घर से वाहन में बैठाकर ले जाने की कोशिश की।

लेकिन:

  • गठुला रोड पर ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग
  • सतर्कता के दौरान पहचान होने पर
  • पुलिस ने मौके पर ही सभी आरोपियों को पकड़ लिया

🧠 ‘बड़ी शख्सियत’ बनने की थी चाह

एसपी IPS अंकिता शर्मा ने बताया कि मुख्य आरोपी खुशबू साहू पहले से फूलबासन बाई की परिचित थी और स्व-सहायता समूह से जुड़ी हुई थी।

पुलिस के मुताबिक:

  • खुशबू खुद बड़ा महिला समूह बनाना चाहती थी
  • वह फूलबासन बाई की तरह प्रसिद्ध होना चाहती थी
  • इसी उद्देश्य से उसने महिलाओं को जोड़ने और प्रभाव बढ़ाने की योजना बनाई

इसी सोच के चलते अपहरण की साजिश रची गई।


👮 सुरक्षा बढ़ाई गई

घटना के बाद पुलिस ने फूलबासन बाई यादव की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके साथ एक पुलिसकर्मी तैनात कर दिया है।


कौन हैं पद्मश्री फूलबासन बाई यादव?

फूलबासन बाई यादव छत्तीसगढ़ की जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता हैं।

  • जन्म: 5 दिसंबर 1969
  • स्थान: सुकुलदैहान, राजनांदगांव
  • संस्था: मां बमलेश्वरी जनहित कार्य समिति की संस्थापक
  • सम्मान: साल 2012 में पद्मश्री

वे महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लंबे समय से काम कर रही हैं।

फूलबासन बाई KBC के कर्मवीर स्पेशल एपिसोड में भी नजर आ चुकी हैं।

Post a Comment

और नया पुराने